काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहिश पनपति पलक झपकने से पहले परिपूर्ण होती | फिर ना ही मुझे किसीसे करना पड़ता इज़हार और ना ही करना होत… more →
mehekSecret Swan wrote 6 months ago: देखते रहे वो मंजिलों के सपने, पर रास्ते सपनों में दिख न पाए. खाते रहे वो कुछ करने की कसमें, पर स्वार … more →
mehhekk wrote 2 years ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →