मुझे गुसा दिखाया जा रहा है, तबस्सुम को दबाया जा रहा है, वहाँ तक आबरू जब्त-ऐ-गम ह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझे गुसा दिखाया जा रहा है, तबस्सुम को … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मेरे क़रीब न आओ के मैं शराबी हूँ, मेरा श … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मान मौसम का कहा छाई घटा जाम उठा, आग से आ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कौन आएगा यहाँ कोई न आया होगा, मेरा दरवा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: बस एक वक्त का खंजर मेरी तलाश में है, जो … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आप से गिला आप की क़सम सोचते रहें कर न सक … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता हैं तेरे … more →