नारी तुम तो आराध्य हो, पर पुरुष कहता असाध्य हो! यह कैसी विडंबना है? पुरुष की कुरंगना है? पर तुम तो संगठित रहो! एक धारा के रुप में बहो। यह क्या तुम तो परस्पर खिन्न हो? अपने विचारों में ही भिन्न हो? कभी… more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: नारी तुम तो आराध्य हो, पर पुरुष कहता असाध्य हो! यह कैसी विडंबना है? पुरुष की कुरंगना है? पर तुम तो स … more →