क्वचित प्रकाशं क्वचित्प्रकाशं, नभ: प्रकीर्णाम बुधरम विभाति । क्वचित क्वचित पर्वत सनिरुद्धम , रुपं यथा शान्त महार्णवस्य ॥ बिलकुल शुरुआती श्लोकों में से एक । आदरणीय गुरु रामचन्द्र शास्त्री का सिखाया हुआ… more →
यही है वह जगहmyindiamycause wrote 1 month ago: काशीनगरी में लड़कियां अब पुरोहिताई की पढ़ाई कर रही हैं। इन्हें सभी वर्गों का भरपूर समर्थन मिल रहा है … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: क्वचित प्रकाशं क्वचित्प्रकाशं, नभ: प्रकीर्णाम बुधरम विभाति । क्वचित क्वचित पर्वत सनिरुद्धम , रुपं यथ … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक मित्र ब्लाग लेखक सुरेश चिपलूनकर ने कल कुछ फोटो बनारस शहर और गंगा नदी के भेजे। वह हिंदी ब्लागजगत क … more →
अफ़लातून wrote 10 months ago: बनारस से प्रकाशित तीनों प्रमुख दैनिकों ने कल प्रथम पृष्ट पर यह संयुक्त विज्ञापन छापा था । मुझे कीटना … more →
अफ़लातून wrote 11 months ago: Technorati tags: नरीमन हाउस, शिवाला, इसराइली पर्यटक, israeli tourists, varanasi, shivala, banaras, s … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: [ जुलाई १९६७ में बनारस में हुए नेपाल के युवा समाजवादियों के सम्मेलन को डॉ. लोहिया ने यह सन्देश दिया … more →
adhyapan wrote 1 year ago: Ubuntu Community and discussion group in Kanpur Google Group – http://groups.google.com/group/ … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: विगत सप्ताह नीरज के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हुआ| नीरज एक माह के लिए ह्य … more →