हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है, हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, खुशबु जो लुटाती है मसलती है उसी को, एहसान का बदला यही मिलता है कली को, एहसान तो लेते है सिला भूल गए है,… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामविनय wrote 1 year ago: Hey Venus, you’re the light of love You’re the light of love, my love It was first time … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है, हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, खुश … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: वो कौन है, दुनिया में जिसे, गम नहीं होता, किस घर में खुशी होती है, मातम नहीं होता, ऐसे भी हैं, दुनिय … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कैसे कैसे हादसे सहते रहे, हम यूँही जीते रहे हँसते रहे, उसके आ जाने की उम्मीदें लिए, रास्ता मुड़ मुड़ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दोस्ती जब किसी से की जाए, दुश्मनों की भी राय ली जाए, मौत का ज़हर है फिजाओं में, अब कहाँ जा के साँस ल … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बेबसी जुर्म है हौसला जुर्म है, ज़िंदगी तेरी एक-एक अदा जुर्म है, ऐ सनम तेरे बारे में कुछ सोचकर, अपने ब … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम ये कैसे जुदा हो गए, हर तरफ़ हर जगह हो गए, अपना चेहरा न बदला गया, आईने से खफा हो गए, जाने वाले गए … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: चाक जिगर के सी लेते हैं, जैसे भी हो जी लेते हैं, दर्द मिले तो सह लेते हैं, अश्क मिले तो पी लेते हैं, … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: अपने होठों पर सजाना चाहता हूं आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूं कोई आसू तेरे दामन पर गिराकर बूंद को मोत … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: जब किसी से कोई गिला रखना सामने अपने आईना रखना यूं उजालों से वास्ता रखना शमा के पास ही हवा रखना घर की … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: आज फिर उनका सामना होगा क्या पता उसके बाद क्या होगा। आसमान रो रहा है दो दिन से आपने कुछ कहा-सुना होगा … more →