हे ग्राम देवता ! नमस्कार ! Mahadeo सोने-चाँदी से नहीं किंतु तुमने मिट्टी से दिया प्यार । हे ग्राम देवता ! नमस्कार ! १९४८ में लिखी गयी ये पंक्तिया हमारे गावॊं के किसानों पर है जो अन्नदाता है समाज का जि… more →
मैनहनKrishna Kumar Mishra wrote 3 months ago: हे ग्राम देवता ! नमस्कार ! Mahadeo सोने-चाँदी से नहीं किंतु तुमने मिट्टी से दिया प्यार । हे ग्राम दे … more →
Krishna Kumar Mishra wrote 3 months ago: मेरे मन बहुत दिनों से एक ख्वाइस थी कि अपने गांव के बारे में कुछ लिखू वहां कि संस्कृति परंपरायें लोक … more →
Praful wrote 9 months ago: Mukhtar Mai married at a simple ceremony A Pakistani gang rape victim who won international acclaim … more →
pryas wrote 11 months ago: एक संत किसी गांव में पहुंचे। गांव के लोगों के आग्रह पर वह वहीं एक कुटिया बनाकर रहने लगे। उनका खाना ज … more →
विनय wrote 2 years ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →