दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंदी की विकास यात्रा का चार खंडों में बांटा जाता है और इसमें हमारे यहां सबसे अधिक भक्ति काल महत्वपू … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मेरी आदत है कि आते ही अपने ईमेल पर चिट्ठाकारों की चर्चा को अवश्य पढ़ता हूं। उसमें हमेशा अपने मतलब क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड वॉच इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के मध्यम वर्ग में सुस्त और आश्रित … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पहले ब्लागर का पता उसके मित्र ने ही दूसरे ब्लागर को दिया था और सख्त हिदायत थी कि किसी भी तरह उससे ब … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पोश कालोनी के उस घर में साँप निकला तो कोहराम मच गया वह ऐक कोने में पडा था अपने ही हाल से बेहाल था पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ऐसा लगता है कि हमने पाश्चात्य सभ्यता को अपनाया पर कुछ लेट हो गये और यही कारण है कि कहीं न तो स्व … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: धन, पद और प्रतिष्ठा की शक्ति हो जाती है जिन पर मेहरबान क्यों न करे वह उस पर अभिमान इस जहां में सभी य … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वाह रे बाज़ार तेरा खेल मैदान में पिटे हीरो को कागज और फिल्म पर चमकाकर और सजाकर जनता के बीच देता है ठ … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अपने मुहँ से बढ़ाएं, अपनी बात का भाव दुसरे को दें नसीहत, अपने मन में दुर्भाव न वाणी में मिठास, न वि … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: (यह कविता काल्पनिक है तथा किसी घटना या व्यक्ति से इसका कोई संबंध नहीं है ) नंबर एक पर हौं या … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: लिखने से इन्कलाब या बदलाव नहीं आता पर बिना लिखे भी कौनसा आ जाता है। इन्कलाब ला … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कहा जाता है बोए पेड बबूल के तो आम कहॉ से होय। यह कहावत अपने आप में बहुत बड़ा दर्श … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: रात्री में चन्दा बिखेरता अब भी पहले की तरह शीतल चांदनी पर उसका आनन्द उठाएँ कौन दूरदर्शन और कम्प्यूट … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मैं देश में चल रहे माहौल को जब देखता हूँ जिसमें हिदू धर्म के प्रति लोगों के मन में तमाम विचार आते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कहा जाता है बोए पेड बबूल के तो आम कहॉ से होय। यह कहावत अपने आप में बहुत बड़ा दर्शन है इसमें कोई संदे … more →