फिर से मौसम बहारों का आने को है, फिर से रंगीन ज़माना बदल जायेगा, अबकी बज़्म चरागों सजा लेंगे हम, ये भी अरमान दिल का निकल जायेगा, आप करदे जो मुझको निगाहें करम, मेरी उल्फत का रह जायेगा कुछ भरम, यूं फ़साना … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: फिर से मौसम बहारों का आने को है, फिर से रंगीन ज़माना बदल जायेगा, अबकी बज़्म चरागों सजा लेंगे हम, ये भी … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरे निसार सकिया जितनी पीयू पिलाए जा, मस्त नज़र का वास्ता मस्त मुझे बनाए जा, तुझको किसी से मर्ज़ क्या … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा, इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जायेगा, हम भी दरिया हैं हमे अपना ह … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: न कह साकी बहार आने के दिन हैं, जिगर के दाग छिल जाने के दिन हैं, अदा से खूब अदा आने के दिन हैं, अभी त … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कुछ न कुछ तो ज़रूर होना है, सामना आज उनसे होना है, तोड़ो फैको रखो करो कुछ भी, दिल हमारा है क्या खिलौन … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कोई दोस्त है न रकीब है, तेरा शहर कितना अजीब है, वो जो इश्क था वो जूनून था, ये जो हिजर है ये नसीब है, … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कौन आया रास्ते आइना खाना हो गए, रात रोशन हो गयी दिन भी सुहाने हो गए, ये भी मुमकिन है के उसने मुझको प … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हर गोशा गुलिस्तान था कल रात जहाँ मैं था, एक जशन -ऐ -बहारां था कल रात जहाँ मैं था, नगमें थे हवाओं में … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कभी कभी यूं भी हमने अपने जीं को बहलाया है, जिन बातों को ख़ुद नहीं समझे औरों को समझाया है, हमसे पूछो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: झूम के जब रिन्दो ने पिला दी, शेख़ ने चुपके चुपके दुआ दी, एक कमी थी ताजमहल में, हमने तेरी तस्वीर लगा … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आप आए जनाब बरसों मे, हमने पी है शराब बरसों मे, फिर से दिल की कली खिली अपनी, फिर से देखा शबाब बरसों म … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये पीने वाले बहुत ही अजीब होते हैं, जहाँ से दूर ये ख़ुद के क़रीब होते हैं, किसी को प्यार मिले और किस … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: किसने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी, झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी, कोई मतवाली घटा पीके जवानी की उ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दर्द-ऐ-दिल मे कमी न हो जाए, दोस्ती दुश्मनी न हो जाए, तुम मेरी दोस्ती का दम न भरो, आसमान मुद्दई न हो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आप को देखकर देखता रह गया, क्या कहूं और कहने को क्या रह गया, उनकी आंखों मे कैसे छलकने लगा, मेरे होंठ … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: नज़र नज़र से मिलाकर शराब पीते हैं हम उनको पास बिठाकर शराब पीते हैं। इसीलिए तो अँधेरा है मैकदे में बह … more →