तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, द… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हम … more →
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंति … more →