wrote 4 years ago: बहुत दिन से हमारे दिमाग में यह बात नहीं आ रही कि आखिर कौन किसको क्या और क्यों समझा रहा है? कब समझा र … more →
wrote 4 years ago: क्रिकेट के खिलाड़ी और फिल्म के अभिनेता अभिनेत्रियों के चेहरों और नाम के सहारे ही आजकल देश के सारे सम … more →
wrote 4 years ago: पल रंग बदलती दुनियां में रिश्ते भी बदलते हैं रंंग जो सारी उमर साथ चलने का एलान करते सरेआम वह कभी नही … more →
wrote 4 years ago: जहां तक मेरी जानकारी है खबर में यही था कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद उम्मीदवार ओबामा अपनी जेब में रखन … more →
wrote 4 years ago: अपने जिस्म पर इतराते हैं लोग जिसमें रहते हैं बहुत सारे रोग जीवन की नाव वक्त की लहरों में बहती जाती ह … more →
wrote 5 years ago: आज मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग से सामग्री लेकर अनुवाद टूल पर चिपकाई। हिंदी में कर उसे पढ़ने का विचार कि … more →
wrote 5 years ago: अभी चल रही प्रतियोगिता में क्रिकेट मैचों के दौरान ‘चीयर गर्ल’ की भूमिका पर अनेक लोग सवाल उठा रहे हैं … more →
wrote 5 years ago: यह ब्लाग (पत्रिका) आज बीस हजारिया हो गया-यानि इसकी पाठक संख्या बीस हजार पार हो गयी थी। इसने दस हजार … more →
wrote 5 years ago: हम घर से बाहर निकल कर जैसे सायकल से सड़क पर आये तो एक सज्जन मिल गये और हमसे बोले-‘कहां जा रहे हो।’ … more →
wrote 5 years ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और इंद्रियां घोड़े है। इनको सावधानी से नियंत्रण करने वाला ही … more →
wrote 5 years ago: मैं यह पोस्ट पहले भी लिखना चाहता था पर रोमन लिपि में हिंदी लिखना इतना कठिन लगता कि मेरी मनस्थिति ही … more →
wrote 5 years ago: जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है वैसे शारीरिक और मानसिक तनाव लोगों में बढ़ता जा रहा है। इस तनाव में ब … more →
wrote 5 years ago: हमारे दर्शन के अनुसार मनुष्य योनि बहुत पुण्य करने पर मिलती है और अगर कोई इस योनि में दान-पुण्य और धर … more →
wrote 5 years ago: तिल समान तो गाय है, बछड़ा नौ- नौ हाथ मटकी भरि भरि दुहि लिया, पुँछ अठारह हाथ संत कबीर कहते हैं कि वाणी … more →
wrote 5 years ago: यह संयोग ही है कि आज मैं ब्लोग के विषय पर लिखने का ही विचार कर रहा था कि मेरी नजर में चिट्ठाकार से आ … more →
wrote 5 years ago: १.इस संसार में कुछ प्राणियों के किसी विशेष अंग में विष होता है-जैसे सर्प के दांतों में मक्खी के मस्त … more →
wrote 5 years ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ तारे छिपि जात है, ज्यों रहीम भए भोर कवि रहीम कहते हैं, जैसे प … more →
wrote 4 years ago: चंदा लेकर समाज सेवा करने वाली उस संस्था के समाजसेवी बरसों तक अध्यक्ष रहे। पहले जब वह युवा थे तब उनके … more →