Blogs about: Vividha
क्रिकेट मैच के दौरान नृत्य कार्यक्रम:एक विचार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अभी चल रही प्रतियोगिता में क्रिकेट मै … more »
जब तक अंतर्जाल की माया, रहेगी इस ब्लाग की काया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लाग पर लिख गया एक कमेंट एक पाठक ‘ दीप … more »
मशहूर होने से शऊर नहीं आ जाता-हास्य व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: मशहूर होने की ललक सबमें होती है और इसक … more »
इस ब्लोग (पत्रिका) के बीस हजारिया होने पर विशेष संपादकीय
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: यह ब्लाग (पत्रिका) आज बीस हजारिया हो गय … more »
अपने आप हिट बना देगा-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: सर्वशक्तिमान के घर से निकलकर दोनों नि … more »
राय अपनी अपनी-हास्य व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: हम घर से बाहर निकल कर जैसे सायकल से सड़ … more »
विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »
अभी मशहूर नहीं हो सकते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू हमें … more »
ब्लोग लिखते हुए उठने लगते हैं कई संशय-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मैं यह पोस्ट पहले भी लिखना चाहता था प … more »
गर्मी के साथ बढ़ती महंगाई-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है वैसे श … more »
अपना तनाव और थकावट बढाते हैं खुद लोग-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हमारे दर्शन के अनुसार मनुष्य योनि बहु … more »
जिन्दगी की दो छाप, हिट और फ्लॉप
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: हिट होने से होती है खुशी पर चिंताएं भी … more »
रहीम के दोहे:नये दिल वाले मानते नहीं
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: यह रहीम मानै नहीं, दिल से नया होय चीता, … more »
वादे करने और भूलने का सिलसिला
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पूरे करने होते काम तो वादे किए ही क्यो … more »
मरी संवेदना का व्यापार जारी है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: संवेदना मर गयी है फिर भी उसका व्यापार … more »
इससे तो अकेले में गीत गुनगुनाएं
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जब पास थे तो ऐसा लगता कि बस हमेशा के लिए … more »
संत कबीर वाणी:जो मांगे वह साधू नहीं भांड होता है
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: तिल समान तो गाय है, बछड़ा नौ- नौ हाथ मटकी … more »
करते रहो समर्पण भाव से अपना कर्म
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: इधर जाएँ कि उधर यह कभी तय नहीं कर पाए जि … more »
संत कबीर वाणी: पराई स्त्री से प्रेम करना लहसुन खाने के समान
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पर नारी का राचना, ज्यूं लहसुन की खान को … more »
