Blogs about: Vyangya

जैसी दी शिक्षा वैसा ही शिष्य पाया-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 9 hours ago: गुरू चेले थे बरसों से साथ पर उस दिन गुर … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, व्यंग्य, शेर, संस्कार, समाज, साहित्य

अंधेरे मे तीर चलाना ही उनका काम है-चार क्षणिकाएं

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: हादसों की खबर से अब शहर सिहरता नहीं अप … more »

Tags: abhivyakti, aducation, Anubhuti, anugoonj, अनुगूँज, अनुभूति, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप

बिना शक्ति दिखाये कौन यकीन करेगा-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: बहुत सरल भाव रखने पर लोग सीदा-सादा समझ … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, संपादकीय, संवेदना

स्टार्ट अप को समोसा मान लेते हैं-व्यंग्य चिंतन2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago:   गूगल के अंग्रेजी हिंदी टूल आने का भार … more »

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogroll

महिला बुद्धिजीवी सम्मेलन-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों … more »

Tags: अभिव्यक्ति, अर्थशास्त्र, आलेख, कला, मस्तराम, समाज, साहित्य, हास्य, हिन्दी

उनका नाम ही दरियादिल हो जाता-कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: अपने दिल का बयां कभी कभी दूसरे के अल्फ … more »

Tags: कला, कविता, क्षणिका, चरित्र, दर्द बांटते चलो, दीपक भारतदीप, मस्तराम, विश्वास, व्यंग्य

इस ब्लाग (पत्रिका) की पाठक संख्या बीस हजार के पार2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: 12 दिसंबर 2007 को इस हजार की संख्या पार कर च … more »

Tags: Art, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भारत, मस्तराम, व्यंग्य

कम दर्शकों द्वारा फिल्म देखने की शिकायत बेमानी-आलेख2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आज मैने एक अंग्रेजी ब्लाग पर पाकिस्ता … more »

Tags: arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, क्षणिका, दीपक भारतदीप, मस्तराम, विश्वास, संपादकीय

मै अखबार आज भी क्यों पढ़ता हूं-हास्य व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:           मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुर … more »

Tags: abhivyakti, aducation, Anubhuti, Art, अनुगूँज, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला

क्रिकेट मैच के लिये एक्शन सीन लिख देना-हास्य व्यंग्य 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लागर अपने कंप्यूटर पर बैठा था कि उसक … more »

Tags: aastha, abhivyakti, aducation, Anubhuti, anugoonj, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख

पटकथा लिखने वाले ने कमाल किया-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »

Tags: Blogroll, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, inglish, संपादकीय, शायरी, व्यंग्य, भारत, India

जब तक अंतर्जाल की माया, रहेगी इस ब्लाग की काया-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लाग पर लिख गया एक कमेंट एक पाठक ‘ दीप … more »

Tags: Blogroll, hindi, Kavita, शेर-ओ-शायरी, inglish, अभिव्यक्ति, meadia, शायरी, हास्य व्यंग्य

श्रृंगार रस में आधुनिक कवितायें-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: आया एक आशिक का ईमेल लिख था उसमें ‘‘दीप … more »

Tags: abhivyakti, aducation, Anubhuti, apne lamhe, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, कहानी

मालिक नहीं तो मजदूर का रोल करेगा-हास्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, मेरा छ … more »

Tags: Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, India, bharat

शेर के इंतजार में उम्र न निकल जाये-हास्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: पार्क में घूमती हुई लड़कियों को उस लड़ … more »

Tags: abhivyakti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्तराम, शायरी, शिक्षा, शेर

यह नहीं बता सकते कि हिट होगा कि फ्लाप-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: फंदेबाज के घर के दौरे पर पहूंचे तो उसक … more »

Tags: arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, क्षणिका, चरित्र, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, शब्द, शायरी

हमारी पोस्ट भी जोरदार पाओगे-हास्य कविता 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: रास्ते में टकरा गया फंदेबाज और घूर-घूर … more »

Tags: Blogroll, inglish, अभिव्यक्ति, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, शेर, अनुभूति

‘तुम्हारे भाग्य में हिट ब्लागर होना नहीं लिखा’-हास्य व्यंग्य3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ब्लागर अपने घर पर सो रहा था कि दूसरा ब् … more »

Tags: Blogroll, अभिव्यक्ति, संपादकीय, व्यंग्य, bharat, सूचना, अनुभूति, चिन्तन, हिंदी साहित्य

तब तक बहुत देर हो जायेगी-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हर शाख पर उल्लू बिठा दो जब बिजली चली जा … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, जजबात, व्यंग्य, शायरी, शेर, समाज, साहित्य


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