Blogs about: Vyngy
Featured Blog
तुम्हारे प्रेम के विरह में हास्य लिखता हूँ
ब्लोगर उस दिन एक पार्क में घूम रहा था तो उसकी पुरानी प्रेमिका सामने आकर खडी ह… more »
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका
मैं अभद्र शब्द लिखूंगा तुम खंडन कर देना
— 4 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: पहला ब्लोगर घर के दरवाजे से बाहर निकल … more »
तुम्हारे प्रेम के विरह में हास्य लिखता हूँ
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: ब्लोगर उस दिन एक पार्क में घूम रहा था त … more »
यारी को बेगार बना दिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बंद तिजोरियों को सोने और रुपयों की चमक … more »
सच और झूठ का द्वंद
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: एक झूठ सौ बार बोला जाये तो वह सच हो जाता … more »
जंग में पिसता है आम आदमी
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: एक कहे आजादी की जंग दूसरा दे उसे आतंक … more »
यह पब्लिक है, सब जानती है
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हीरो को जन्म दिन हो तो सारे चैनल भौंपू … more »
दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मन का खोखलापन तन को रुग्ण कर देता हैं व … more »
अपनी पहचान ढूंढता आदमी
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अलग खडा नहीं रह सकता इसलिये भीड़ में श … more »
काहेका भला आदमी!
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह सुबह जाने की लिए घर से निकले, तो कालो … more »
दिल और दोस्ती
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हमें पूछा था अपने दिल को बहलाने के लिए … more »
दिल हुआ इधर से उधर
— 4 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अंतरजाल पर एक दूसरे के ब्लोग पर कमेन्ट … more »
आस्तिक-नास्तिक विवाद पर बेकार की बहस
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: माया की कृपा जिन पर होती है उन्हें भगव … more »
पावर कट तो पोस्ट कट
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भारत के बडे शहरों और विदेशों में रहन … more »
देश में जनचेतना लाना जरूरी
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: आज एक चैनल पर विभिन्न मनोरंजक चैनलो … more »
अगड़म-बगडम लिखते तो हिट हो जाते
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: पहले ब्लॉगर ने उसी मित्र से दूसरे ब्लॉ … more »
हास्य कविता -शांति के प्रवर्तक
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: समाज के ठेकेदारों की पड़ती जा रही थी छ … more »
हास्य कविता-बीस का नोट पचास में नहीं चलेगा
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बीस के शेर पचास में ढ़ेर जीतते हैं तो फु … more »
असंतोष के सिंह तुम मांद में रहो-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: असंतोष के सिंह तुम मांद में रहो तुम्हा … more »
क्रिकेट देखने से अच्छा है ब्लोग पर लिखें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: यूँ तो हारने के हजार बहाने हैं पर घर म … more »
