कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, फोटोग्राफ़ी करने और उस जगह को जानने के लिए। दिल्ली में और आसपास बहुत सी ऐतिहासिक जगह हैं जो कि मशहूर… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!Amit wrote 1 year ago: कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, … more →
Amit wrote 1 year ago: तकरीबन चार दिन से घर में ही था, मन बेचैन था तो पिछले से पिछले बृहसपति-वार की शाम को मन हुआ कि कहीं ल … more →
Amit wrote 1 year ago: चार महीने हुए जब पिछली बार कहीं घूमने फिरने गया था, मन व्याकुल हो रहा था, तो प्रोग्राम बना पालमपुर ज … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. समीर जी ने पूछा कि नए स्लीपिंग बैग में ठंड झेल पाए कि नहीं, तो उसके संबन् … more →
Amit wrote 2 years ago: मई 2007 के दूसरे सप्ताहांत पर पुनः तुन्गनाथ जाने का कार्यक्रम बना। पिछली बार का हादसा याद था, लेकिन … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. रविवार सुबह जल्द ही आँख खुल गई। लगभग सभी जाग गए थे; बाहर बाल्कनी में आकर … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. अगले दिन की सुबह बढ़िया थी, लेकिन हमारे पहली मंज़िल पर स्थित कमरे की बाल्कन … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. सारी रात शर्मा जी का संगीत सुनते-२ बीती, जब भी नींद आने लगती, एरिस के दूत … more →
Amit wrote 2 years ago: खजुराहो और ओरछा घूमकर आए तकरीबन दो महीने हो गए थे, घुमक्कड़ कीड़ा कुलबुला रहा था। गुड फ़्राईडे वाले सप् … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से जारी ….. (खजुराहो के पूर्वी भाग में स्थित जैन मंदिर) (शिल्प कला के उत्कृष्ट नमू … more →
Amit wrote 2 years ago: 15 फ़रवरी को दिल्ली से निकले और 16 फ़रवरी को खजुराहो पहुँच गए। इस बार यात्रा पर निकले सिर्फ़ मैं और योग … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले अंक से आगे ….. सावित्री मंदिर से नीचे आकर हम प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर की ओर बढ़ चले। वैसे प … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले अंक से आगे ….. सुबह उठ सभी जल्दी तैयार हुए और होटल में ही तुरन्त नाश्ता निपटा के दरगाह श … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले अंक से आगे ….. तारागढ़ में मैंने कुछ अच्छी तस्वीरें ली थीं परन्तु फिर भी मन थोड़ा खिन्न था … more →
Amit wrote 2 years ago: अभी हाल ही में, यानि कि कुछ दिन पहले ही, पर्वतों में नव-वर्ष का स्वागत किया परन्तु घूमने फ़िरने का की … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. अगले दिन सुबह जल्दी उठ सभी तैयार हुए, नाश्ता कर वापसी की राह पकड़ने को सभी … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. सुबह सवेरे मोबाईल में अलार्म बजते ही निद्रा खुल गई, ऐसा लगा कि जैसे अभी क … more →
Amit wrote 2 years ago: चार महीने से ऊपर हो गए थे पिछली यात्रा को, तब से कहीं घूमने फ़िरने नहीं गया था। तो इसलिए मन मचल रहा थ … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछली बार जहाँ गाड़ी रोकी थी, उसके बाद एक अनपेक्षित विराम आ गया था, लेकिन वहाँ से आगे बढ़ते हुए प्रस्त … more →