आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और कहने को क्या रह गया, आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होठों पे कुछ कांपता रह गया, वो मेरे सामने ही गया और मैं, रास्ते की त्तरह देखता रह गया, झूठ वाले कहीं से कह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और कहने को क्या रह गया, आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होठों … more →