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Blogs about: Weak

महफ़िले-उश्शाक़ में आशिक़ हम-सा न पाओगे

विनय wrote 1 year ago: महफ़िले-उश्शाक़ में आशिक़ हम-सा न पाओगे बेकार की बातें हैं सभी दिल को कब तक जलाओगे सहर में शुआ शाम को म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, Heart, दिल, शाम, आशिक़, महफ़िल, Hurt, Beloved, जफ़ा

दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए1 comment

विनय wrote 1 year ago: दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए वह ख़फ़ा हुआ हम ख़त्म हुए कोसूँ क्या अपनी क़िस्मत को हमें भी कुछ नये इल्म हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, Love, Blame, सावन, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत

वो जिसे इश्क़ कहता था

विनय wrote 2 years ago: वो जिसे इश्क़ कहता था वाइज़1 हम उसमें फँस गये बहाये इतने आँसू कि जहाँ खड़े थे वहीं धँस गये न जिगर से ल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, दिल, बादल, नसीब, ख़्याल

कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से

विनय wrote 2 years ago: तह पर तह लगी है कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से आँधियों में… मैं खड़ा रहा साथ उसके न उसने मुझको द … more →

Tags: मेरी नज़्म, वक़्त, शिकन, time, चेहरा, आँधी, धूल, अजनबी, सिलसिला


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