Blogs about: Web Bhaskar

Featured Blog

बरसात के साथ धार्मिक चालाकी-हिंदी व्यंग्य (hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आ … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, पर्यावरण, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

विदुर नीति-कम ताकत के होते गुस्सा करना तकलीफदेह

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: द्वावेव न विराजेते विपरीतेन कर्मणा। गृहस्थश्च निरारम्भः कार्यवांश्चैव भिक्षुकः।। हिंदी में भावार्थ-न … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

आपरेशन तो आसान है -हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मनोरंजन, मस्तराम, समाज, साहित्य

सि़यों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, bharat

इस ब्लाग/पत्रिका ने पार की पाठक संख्या पचास हजार-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu

फिर छाने लगा है क्रिकेट का बुखार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बंदर चाहे कितना भी बूढ़ा हो जाये गुलाट लगाना नहीं भूलता यही कुछ हालत हम भारतवासियों की है। कोई व्यसन … more →

Tags: दीपक भारतदीप, समाज, हिंदी आलेख, हिन्दी, web bharat, web dunia, web duniya, web express, web jagran

भर्तृहरि शतक-बुरे संस्कार बुढ़ापे तक साथ रहते हैं

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— तानींद्रियाण्यविकलानि तदेव ना … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, संस्कार, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

नस्लवाद और गुणों का स्वरूप-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: शायद कुछ समाज सुधारकों को यह बुरा लगे पर सच यही है कि इस धरती पर पैदा हर जीव की नस्ल होती है और उसमे … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, Hindi writing, hindu darashan, hindu dharm

चौथे ब्लाग ने भी अर्जित किये चार अंक-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आज बैठे ठाले अपने ब्लाग की पैज रैंक देखने का विचार आया तो पता लगा कि एक अन्य ब्लाग/पत्रिका ई7पत्रिका … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, Hindi writing, hindu thinking, Hindu Thought!

संत कबीर के दोहे: भक्ति और ध्यान एकांत में करें

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: चर्चा करु तब चौहटे, ज्ञान करो तब दोय ध्यान करो तब एकिला, और न दूजा कोय संत श्री कबीरदास जी का कथन है … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कबीर वाणी, मस्तराम, समाज, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Dashboard

समूह की गुलामी से मुक्ति ही है असली आज़ादी-चिंत्तन आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अगर किसी समुदाय का एक जोड़ा अपने किसी दूसरे समुदाय की रीति के अनुसार विवाह करता है तो क्या उस समुदाय … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, समाज, हिंदी, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, hindi article

संत कबीर वाणी-दीनानाथ तो निराधार के ग्राहक हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: चतुराई हरि ना मिलै, ए बातां की बात एक निस प्रेमी निराधार का गाहक गोपीनाथ संत कबीरदास जी का आशय यह है … more →

Tags: दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Hindi writing, hindu darashan, hindu dharm, hindu thinking, Hindu Thought!

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-दुष्ट अमीर शासन को परेशान करता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: के अनुसार ———————– आस्रावयेदुपचितान् साधु दुष्टऽव्र … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, समाज, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, hindi article, Hindi writing

चाणक्य नीति-जो विद्या काम की न आये उसे पाना व्यर्थ

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- हर्त ज्ञार … more →

Tags: आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, हिन्दी, editoriyal, Enternment, hindi litreture

समाज सुधार के लिये प्रचारात्मक प्रयास की आवश्यकता-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज को सुधारने की प्रयास हो या संस्कृति और संस्कारों की रक्षा का सवाल हमेशा ही विवादास्पद रहा है। … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, Hindi writing, vyangya kavita, web bharat

संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: alekh, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, bharat, Deepak bharatdeep, dharm

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-घमंड से शुरू काम की नाकामी से व्यर्थ का तनाव होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: प्रारब्धानि यथाशास्त्रं कार्याण्यासनबुद्धिभिः। बनानीय मनोहारि प्रयच्छन्त्यचिसत्फलम्।। हिंदी में भावा … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिन्दी, bharat, Deepak bharatdeep, editoriyal

चाणक्य नीति-बुरे संस्कार वालों के साथ बैठकर खाना भी न खाएं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →

Tags: अर्थशास्त्र, आलेख, संस्कार, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

मेहनतकश की कलम से-चिंतन आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भूतपूर्व मजदूर की डायरी से-आलेख जिन लोगों ने जीवन में कभी मजदूरी या मेहनतकश बनकर पैसा नहीं कमाया उन … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, समाज, हिंदी आलेख, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Hindi writing, India, web bharat


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “web-bhaskar”:
Technorati Del.icio.us IceRocket