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Blogs about: Whirl

न वह कभी आँखों से उतारा ही गया6 comments

विनय wrote 1 year ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, दर्द, Heart, क़रीब, light, eyes, दिल, रोशनी

मतलब से ही जनम लेता है कोई रिश्ता6 comments

विनय wrote 1 year ago: मतलब से ही जनम लेता है कोई रिश्ता मतलब से ही मिट जाता है वह रिश्ता तख़लीक़ के इस भँवर में तकलीफ़ है बह … more →

Tags: रुबाइयाँ, तख़लीक़, care, रिश्ता, जनम, Birth, भँवर, Creation, मतलब

बचपन की ख़ुशबू

विनय wrote 1 year ago: मेरे बचपन की ख़ुशबू मेरे साथ ही चलती है कभी मेरे ख़ाब में कभी किताब में मिलती है कभी पतंगों के साथ आ … more →

Tags: कुछ पल बचपन से, ख़ाब, ख़ुशबू, तस्वीर, बचपन, पतंग, Fragrance, आसमाँ, sky

नज़र

विनय wrote 2 years ago: ‘नज़र’ वो नज़र जो लग जाये तो तबाह कर  दे अपनी पे आये तो हर इक अदू को बरबाद कर दे उसका तैशो … more →

Tags: मेरी नज़्म, Obsession, नज़र, तबाह, Cruelty, जफ़ा, Gift, भँवर, enemy

'विनय' हूँ मैं

विनय wrote 2 years ago: मैं वो आग हूँ जो लग जाऊँ तो जंगल का तिनका-तिनका जला दूँ फैल जाऊँ चंद लम्हों में कुछ इस तरह जैसे आग क … more →

Tags: मेरी नज़्म, Moment, तूफ़ान, आग, विनय, लम्हा, thunder, Fire, तिनका

एक यही इल्तिजा है...

विनय wrote 2 years ago: तुम्हें महसूस हो कि ना हो मेरे सीने में दर्द है तो सही… लम्हा-लम्हा जज़्बात पिघलते हैं ग़म की चि … more →

Tags: मेरी नज़्म, महसूस, इश्क़, दर्द, Love, Moment, प्यार, कोशिश, ग़म


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