Blogs about: Wish
Featured Blog
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया सरे-राह मैं अपनी मंज़िल पा गया चराग़… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
मैं मर जाऊँ तो
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क … more »
उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने … more »
नग़मे खिलने लगे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नग़मे खिलने लगे हैं नज़्म महकने लगी है … more »
फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना यह कि झ … more »
वह मौसम इक बार
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की … more »
जब कभी वह शाम
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बह … more »
मेरी राह के मुसाफ़िर
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मेरी राह के मुसाफ़िर तू कहाँ खो गया है ज … more »
आज हो या कल हो
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more »
इस पल से उस पल तक
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more »
कब कहाँ रुकें, कब तक चलें
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: कब कहाँ रुकें, कब तक चलें ठहर जायें जहा … more »
दीप जलाओ रात को पूनम कर दो
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: दीप जलाओ रात को पूनम कर दो मेहबूब की या … more »
हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की … more »
और बहुत कुछ...
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: तुमसे चाहत है तुमसे मोहब्बत है तुमसे इ … more »
