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तुम मेरे हो
तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों दूरियाँ, कितने हों फ़ासले तुम मेरे हो, तु… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
बातों ही बातों में कोई बात हो
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बातों ही बातों में कोई बात हो दिल से दि … more »
उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने … more »
किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी फिर हल्की- … more »
यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई यह फ़ … more »
कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है … more »
तुम जो देखते हो
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब ह … more »
वह तो कमाल है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह तो कमाल है, इक वबाल है ज़ुल्फ़ों में जि … more »
यह कैसा लम्हा है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पल … more »
तुमसे कुछ कहना है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है तुम् … more »
तन्हाई मिटाने दो
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तन्हाई मिटाने दो किस्से सुनाने दो सुब … more »
क्यों हो गया न प्यार...!
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम … more »
पहली नज़र का पहला प्यार
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: पहली नज़र का पहला प्यार कर गया दीवाना म … more »
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ … more »
नींद गहरी है रात ठहरी है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नींद गहरी है रात ठहरी है आज ख़ाबों की ब … more »
ॐ शक्ति है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ॐ शक्ति है ॐ ही ईश्वर प्रतीक है ॐ नश्वर … more »
दिल से पूछो
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दिल से पूछो, इसकी मोहब्बत क्या है दिल ब … more »
खिले इस तरह तेरे रंग और रूप
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: खिले इस तरह तेरे रंग और रूप जैसे सर्दि … more »
मैं कम-शक़्ल हूँ
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जिसे चाहता हूँ वो कहता है मुझसे प्यार … more »
