मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम थे गम , वहाँ तो बस खुशीयाँ ही पल रही थी । अन्धियारे की दावत हुई , उजालों की महफ़िल सजी थी । जो आँखे ख… more →
लम्हें जिन्दगी केRoushan wrote 5 days ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
alishaminta wrote 3 weeks ago: Mai zindagi kuch yun bitana chahata hun Har pal ter sang rehna chahta hun Aankhon mein ho tere sapne … more →
Roushan wrote 1 month ago: Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु दोस्त … more →
alishaminta wrote 1 month ago: Door hai apse to kuch gam nahi, Door rehke bhulne wale hum nahi, Roz mulaqat na ho to kya hua, apki … more →
mehhekk wrote 1 year ago: पहली बूँद आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने अपना गीत छेड़ दिया | छन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी याद में कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे गम-ए … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आँगन की तपती दोपहरी में , खाट के जैसे तपता सा अपनो के चेहरो में ही , अपनो की राहें तकता सा | चेहरे क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आती है पश्चिम से ये तूफ़ानी हवाएँ , घनघोर अंधेरा , छत पर आकर बादल लाएँ , मेरे कमरे को रोशन करता , द … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: जो गम देके तुमने सिखाया हमें । जिन्दगी में बहुत काम आया हमें । जब लगी ठोकर , गिर के बैठ गये , तब ल … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक नज़्म भीड़ में भी जब कोई तुम्हें तन्हा दिखाई दे , सबके साथ होकर भी जब कोई अकेला दिखाई दे | हँसते … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत तुम ख़्यालो में हमको बुलाया करो , हम हक़ीकत में एक दिन चले आएगे, यूँ तुम बिन तो ख़ामोश आव … more →
mehhekk wrote 1 year ago: अब तक तुम गहरी नींद सोए हुए हो किन सच्चे झूठे सपनो में खोए हुए हो वो कौनसी यादे है जो पीछा नही छोड़त … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: सुनाता रहा हूँ तुझे दिल की बातें , तेरी आरज़ू में जिए जा रहा हूँ | हूँ मदहोश या मैं दीवाना हूँ तेरा … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: तुझ से मिलने की ख़्वाहिश मेरी कभी कम नहीं होती मेरे हाथों की लकीरों से , मेरी लड़ाई ख़त्म नही होती … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: साथ रह कर रिश्ता सा बन जाता हैं , यूँ बेवजह किताबों की रिदा बदला न … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: क्यूँ ज़ुबान छीनी मेरी , क्यूँ मुझे बेज़ुबान किया । मैंने कब तेरी बेवफ़ाई का चर्चा खुलेआम किया । ये मा … more →