मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम थे गम , वहाँ तो बस खुशीयाँ ही पल रही थी । अन्धियारे की दावत हुई , उजालों की महफ़िल सजी थी । जो आँखे ख… more →
लम्हें जिन्दगी केmehhekk wrote 4 months ago: राह में यूही मिल गया कोई वक़्त में कितना बदल गया कोई नज़दीक से गुज़रे, पहचान न पाए अनजान सा … more →
alishaminta wrote 4 months ago: teri chahat k aansu ne mere takiye ko bhigoya hai teri ashiqui mein pagal dil na jane kitna roya hai … more →
Roushan wrote 4 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
Roushan wrote 4 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
alishaminta wrote 5 months ago: Mai zindagi kuch yun bitana chahata hun Har pal ter sang rehna chahta hun Aankhon mein ho tere sapne … more →
Roushan wrote 5 months ago: Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु दोस्त … more →
Roushan wrote 5 months ago: Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु दोस्त … more →
alishaminta wrote 5 months ago: Door hai apse to kuch gam nahi, Door rehke bhulne wale hum nahi, Roz mulaqat na ho to kya hua, apki … more →
mehhekk wrote 1 year ago: पहली बूँद आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने अपना गीत छेड़ दिया | छन छ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी याद में कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे गम-ए-जु … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आँगन की तपती दोपहरी में , खाट के जैसे तपता सा अपनो के चेहरो में ही , अपनो की राहें तकता सा | चेहरे क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आँगन की तपती दोपहरी में , खाट के जैसे तपता सा अपनो के चेहरो में ही , अपनो की राहें तकता सा | चेहरे क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आती है पश्चिम से ये तूफ़ानी हवाएँ , घनघोर अंधेरा , छत पर आकर बादल लाएँ , मेरे कमरे को रोशन करता , द … more →