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Blogs about: Yakeen

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Zindagi Kyon Bahut Udaas Ho Tum...

Mayur wrote 2 months ago: Zindagi Kyon Bahut Udaas Ho Tum, Khush Raho Aaj Mere Paas Ho Tum. Main Akela Jo Chal Raha Hoon Yahan … more →

Tags: Zindagi, subah, Khaas

इश्क,मोबाइल और मंदी -हास्य व्यंग्य कविता (ishq mobil and economy-hindi comedy satire poem

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: आशिक ने माशुका को समझाया ‘‘मोबाईल पर इतनी बात मत करो मैं नहीं उठा सकता खर्चा हर हफ्ते कपड़े भी न मांग … more →

Tags: अभिव्यक्ति, शायरी, भारत, bharat, शेर, अनुभूति, हिंदी साहित्य, Friends, क्षणिका

सच का सामना और हास्य कवि-हास्य व्यंग्य कविता (face for trutu and hindi poet-hasya kavita1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: उन सज्जन ने सच की पहचान करने वाली मशीन की दुकान लगाई पर उसके उद्घाटन के लिये कोई तैयार नहीं हुआ भाई। … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, समाज

गणेश चतुर्थी पर उनके गुणों का स्मरण-आलेख (hindi article on ganesh ji)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: भारतीय अध्यात्मिक दर्शन में भगवान शिव को सत्य का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा एक बात महत्वपूर्ण ह … more →

Tags: writing, हिन्दी, dharam, धर्म, inglish, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, चिन्तन, अनुभूति

बजट का कटु सत्य-हास्य व्यंग्य (hindi vyangya on budget)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: उन्होंने जैसे ही दोपहर में बजट देखने के लिये टीवी खोला वैसे ही पत्नी बोली-‘सुनते हो जी! कल तुमने दो … more →

Tags: writing, हिन्दी, inglish, व्यंग्य चिंतन, चिन्तन, हास्य व्यंग्य, आलेख, हिंदी साहित्य, Internet

चोर........ चोर (हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: उस गांव एक घर में चार चोर घुसे। उन्होंने बहुत सारा सामान अपने झोलों में भर लिया था कि अचानक घर एक सद … more →

Tags: writing, हिन्दी, vyangya, inglish, अभिव्यक्ति, India, हास्य व्यंग्य, अनुभूति, आलेख

पहचान किसे चाहिये और क्यों? (चिंतन)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: ———————- भीड़ में पहचान बनाने की कोशिश! बिल्कुल निरर्थक है। … more →

Tags: inglish, India, हिंदी साहित्य, media, Internet, Blogger, Blogging, शब्द, दीपकबापू

आस्तिक, नास्तिक और स्वास्तिक- (हास्य व्यंग्य)

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: सच बात तो यह है कि दुनियां विश्वास के आधार पर तीन भागों में बंटी हुई हैं-आस्तिक,नास्तिक और स्वास्तिक … more →

Tags: hindi, writing, हिन्दी, Global Dashboard, inglish, हिंदी, व्यंग्य चिंतन, India, हास्य व्यंग्य

ब्रेकिंग न्यूज (हास्य व्यंग्य)

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: चंदा लेकर समाज सेवा करने वाली उस संस्था के समाजसेवी बरसों तक अध्यक्ष रहे। पहले जब वह युवा थे तब उनके … more →

Tags: Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, India, अनुभूति, हिंदी साहित्य, vividha, Internet

वह औरत-कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दिन भर ईंट, पत्थर और सीमेंट का मसाला-तस्सल सिर पर रखकर ढोती वह औरत रात्रि में प्लास्टिक की छत से ढंक … more →

Tags: writing, vyangya, inglish, कविता, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, India, bhaarat, भारत

सच के परे बहस बेकार-कविता3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: औरत पर अनाचार का प्रश्न उठता है कई बार अभी तक अनुत्तरित है एक प्रश्न कौन करता है उस पर वार दुनियां म … more →

Tags: Blogroll, Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, inglish, व्यंग्य, India, bharat, शेर

जैसा हम चाहें वैसा लिख और दिख:कविता साहित्य 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मेरा लिखा शब्द तेरे लिखे शब्द से भारी मैंने जो पढा व्याकरण तेरी भाषा भी उसमें सिमट जायेगी सारी मेरी … more →

Tags: Vichar, Kavita, शेर-ओ-शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, शेर, चिन्तन, हिंदी साहित्य

चाणक्य नीति:परोपकार मधुमक्खी से सीखें 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.सुकर्म करने वाले कभी भी लोग,भोग, योग और पत्र(रुपया-पैसा) का संचय नहीं करते। इसी कारण उनका सुयश सर् … more →

Tags: Blogroll, hindi, glogbal dashborad, Global Dashboard, bharat, चिन्तन, हिंदी साहित्य, साहित्य, vividha


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