ये क्या जाने में जाना है, जाते हो खफा हो कर, मैं जब जानूं, मेरे दिल से चले जाओ जुदा हो कर, क़यामत तक उडेगी दिल से उठकर खाक आंखों तक, इसी रस्ते गया है हसरतों का काफिला हो कर, तुम्ही अब दर्द-ऐ-दिल के नाम… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: ये क्या जाने में जाना है, जाते हो खफा हो कर, मैं जब जानूं, मेरे दिल से चले जाओ जुदा हो कर, क़यामत तक … more →