1.. जब संग तुम्हारे होती हूँ सनम ज़िंदगी की मंज़िले और भी करीब नज़र आती है | 2,, ये तन्हा रहने की ज़िद्द कबसे करने लगी हो नदिया को एक दिन सागर में समा जाना है. | 3,, एक तस्वीर बनाई है… more →
mehekRakesh wrote 11 months ago: Kahani Ka Plot or the Plot of the story A few days ago, my cellphone charger died. Without giving an … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.. जब संग तुम्हारे होती हूँ सनम ज़िंदगी की मंज़िले और भी करीब नज़र आती है | 2,, ये तन्हा र … more →