जीते रहने की सज़ा दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, अब तो मरने की दुआ दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, मैं तो अब उकता गया हूँ क्या यही है कायेनात, बस ये आइना हटा दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, धुंडने निकला था तुझको और ख़ुद को खो दिय… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: जीते रहने की सज़ा दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, अब तो मरने की दुआ दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, मैं तो अब उकता गया ह … more →