Lost your password?

Blogs about: Zindagi

Featured Blog

Zindagi Kyon Bahut Udaas Ho Tum...

Mayur wrote 2 months ago: Zindagi Kyon Bahut Udaas Ho Tum, Khush Raho Aaj Mere Paas Ho Tum. Main Akela Jo Chal Raha Hoon Yahan … more →

Tags: Khaas, subah, yakeen

ज़िंदगी26 comments

mehhekk wrote 4 months ago: लंबी सी रील के जैसी लगे मानसपटल के कैमेरे में क़ैद एक लम्हे का सफ़र ज़िंदगी | ====================== … more →

Tags: Jeevan, kismat

अपने 3 comments

kmuskan wrote 9 months ago: अपने जब दूर जाते है तो बहुत दर्द देते है पर अपने जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते है तो दिल में एक कस … more →

Tags: Apne, अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दर्द, दिल, दूरिया

फासला4 comments

kmuskan wrote 10 months ago: कभी कभी चंद कदमो का फासला दुनिया बदल देता है चंद कदमो का फासला ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है चंद क … more →

Tags: कभी-कभी, चंद कदम, जिंदगी, दुनिया, फासला, मौत, Blogroll, hindi, kala

चाँद 6 comments

kmuskan wrote 11 months ago: दबे कदमो से सब से छुपते छुपाते आज चाँद उतर आया मेरे आँगन । सुना था कि,चाँद में दाग होता है । हां ,दा … more →

Tags: kavita,kala, आभा, खूबसूरती, चाँद, जिंदगी, दाग, दीदार, समय, होश

कुछ लकीरे 8 comments

kmuskan wrote 11 months ago: कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उद … more →

Tags: अक्स, अजनबी, आंसू, आग, उदास, ज़िन्दगी, तस्वीर, पीड़ा, फ़रिश्ते

~~ ज़िन्दगी का दस्तूर ~~6 comments

ambuj wrote 11 months ago: गर्मी की उस दोपहर में हम जा बैठे पेड़ की छाव में वहा हमने देखा ज़मीन पे बिखरे पड़े थे कुछ पत्ते शायद … more →

Tags: कविता, Kavita, Poem, ज़िन्दगी का दस्तूर, पेड़ और पत्ते, हिन्दी कविता, hindi kavita, Zindagi ka Dastoor

वक्त 4 comments

kmuskan wrote 11 months ago: वो वक्त जैसे बीत कर भी नही बिता मेरे आज में शामिल है वो कुछ इस तरह कहते है वक्त से पहले किसी को कुछ … more →

Tags: इंतज़ार, उमर, जवाब, जिंदगी, वक्त, Blogroll, hindi, Hindi Poetry, kala

आदत 5 comments

kmuskan wrote 11 months ago: तन्हाई  की ऐसी आदत  हो गई है कि महफ़िल  से डर लगता है किसी के जाने  से तो  कभी ना डरे पर किसी के आने … more →

Tags: आदत, आहट .महफ़िल, डर, तन्हाई, िजंदगी, Blogroll, hindi, Hindi Poetry, kala

सरकार की स्वप्न निद्रा 6 comments

kmuskan wrote 12 months ago: सरकार सोती रही मीठे सपने में खोई रही आंतकी धमाके करते रहे पर वो स्वप्न निद्रा से न जागी खुफिया एजेंस … more →

Tags: कुर्सी, निद्रा, मुंबई, वक्त, सपने, सरकार, स्वप्न, Blogroll, hindi

मुंबई हमले1 comment

kmuskan wrote 12 months ago: उन वीरो को नमन जिन्होंने उन आंतकवादियो से लोहा लेते हुए अपनी जान गवां दी है मुंबई में ताज ,नरीमन हाउ … more →

Tags: नमन, मुंबई, Blogroll, hindi, kala, Kavita, muskan, Poetry, salaam

यही तो ज़िन्दगी है 3 comments

kmuskan wrote 1 year ago: इक सपना टूटा आँख से आंसू बहा कुछ देर तक दिल बेचैन रहा उदास रहा पर फिर जैसे ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया … more →

Tags: आँख, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, दिल, सपना, सुंदर, Blogroll, hindi

ज़िन्दगी 2 comments

kmuskan wrote 1 year ago: ज़िन्दगी जाने तू क्या चाहती है जाने किस मोड़ पे मुझे लिए जा रही है मेरे खवाबो  ,मेरी  तम्मनाओ को पीछ … more →

Tags: कोशिश, खवाब, ज़िन्दगी, तम्मना, धारा, पल, Blogroll, hindi, kala

शुभकामनाये 1 comment

kmuskan wrote 1 year ago: आज बहुत दिनों बाद यहाँ आई। इतने दिनों तक कुछ लिखा ही नही । कुछ लोगो ने मुझे ईमेल भेजकर मुझसे ये जानन … more →

Tags: Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, शुभकामनाये

ए ज़िंदगी7 comments

mehhekk wrote 1 year ago: ए ज़िंदगी सुबह तड़के ठंड में सिकुडती बाहें हाथों में दूध की बोतले लिए हर दरवाज़े पर दस्तक देती घूमती … more →

Tags: zindagi kuch alag si, Life, Newspaper

जाने वो पल कहाँ खो गए8 comments

kmuskan wrote 1 year ago: ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे एक चाए के प्य … more →

Tags: Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, चाँद, रंग

बहुत एहसासो से4 comments

mehhekk wrote 1 year ago: बहुत एहसासो से गुज़रे है ज़िंदगी तेरे इशारों पर नाचते हुए रोटी के एक टुकड़े से प्यारा हमे और कुछ भी  … more →

Tags: Shayari, Sher

आंसू 12 comments

kmuskan wrote 1 year ago: कहने को तो पानी का एक कतरा है पर कितने ही जज्बातों का दरिया है हर सपने को बड़े प्यार से आँखों में छु … more →

Tags: Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, दिल, आंसू, गम

नफरत की आग 6 comments

kmuskan wrote 1 year ago: फ़िर से लग गई है दुकाने फ़िर से सज गए है बाज़ार दिल्ली फ़िर अपनी रफ़्तार से चल पड़ी है धमाके के मंजर को भू … more →

Tags: Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, घर, नफरत, बाज़ार


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS