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842 कैसे जिंदा रहोगे मरने के बाद

कैसे रहोगे जिंदा मरने के बाद ?

सवाल है क्या हम चाहते है

मरने के बाद जिंदा रहेना ?

चाह है तो राह है, मंझ़िल है ।

POEM

हद से ज्यादा

हद से ज्यादा, बस तुम्ही को चाहा है
पल भर भी हम जुदा हो, ऐसी सजा न देना

मोहब्बत

चाहत -कविता

गर चाहत हो, ईमानदारी हो,

कमजोर की हिफाजत में भी चीजें  महफूज रह सकती हैं

जैसे मिट्टी के गुल्लक में

 लोहे के सिक्के

कुछ बेहतरीन शेर

बजाहिर मेरे पास लफ्ज़ों के सिवा कुछ भी नहीं।
कुछ पुरानी यादों, कुछ रिस्तों के सिवा कुछ भी नहीं।।
लोग कहते हैं, मैं तन्हाँ क्यों, मैं, अकेला क्यों हूँ,

चाहत

तेरे हिज्र में अपना दामन भिगोता रहा

तेरे हिज्र में अपना दामन भिगोता रहा।
मैं शब-ए-ग़म की तन्हाई में रोता रहा।।

ग़ज़ल

हमारे गीत भी दुनिया हमारे बाद गायेगी

अभी तक जो अधूरी है, कहानी मैं सुनाता हूँ।
लिखे जो गीत हैं अब तक, उन्हें अब गुनगुनाता हूँ।
ज़रा तुम गौर से सुनना, हमारे दिल की फरियादे,
अभी तक जो दबी थीं अब, उन्हें होठों पे लाता हूँ।।

?प्यार

चाहत के परदे पे मेरी उम्मीदों के सितारे हैं

चाहत के परदे पे, मेरी उम्मीदों के सितारे हैं।
कुछ ख्वाब हैं दिल में, कुछ पलकों पे नजारे हैं।।

ग़ज़ल