अक्सर हम सभी के मुह से यह कहते हुए सुना जाता है की हमारी गणित बहुत ही कमजोर है ऐसा कहकर कही न कही हम गणित से पीछा छुड़ाना चाहते है ऐसा क्यू होता है की हम इतनी आसानी से कह देते है क्यूकी जब ऐसा हम कहते है तो कही न कही हम सभी के दिमाग में ये बात बैठ जाती है की ये हमसे नही हो सकता है और फिर हम सभी अपने दिमाग पर उतना जोर भी नही डालना चाहते है जिससे की हमे गणित पढने से छुटकारा मिल जाये लेकिन ध्यान देने वाली बात है की हमारा पूरा जीवन ही जोड़ घटाव में लगा रहता है लेकिन क्या आप जानते है की जो महान होते है उनके आगे चाहे कितनी भी परेशानी क्यू न आये वे अपने लक्ष्य को कभी नही छोड़ते है ऐसे महान लोगो से हमारे देश भारत का इतिहास भरा पड़ा है इनमे से एक विलक्षण प्रतिभा और अद्भुत योग्यता के धनी श्रीनिवास रामानुजन का भी नाम आता है जिनकी पढाई महज 12 वी कक्षा में फेल हो जाने के कारण उनके स्कूल की पढाई छुट गयी और फिर भी 20वी सदी में अपने गणित के 3900 समीकरणों के बदौलत पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया जो की अपने आप में महज 33 वर्ष के जीवनकाल में अद्भुत और अकल्पनीय है