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नारी तेरे बिना अधूरी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 394)

नारी तेरे बिना अधूरी कहानी …..
हालाँकि आज
मे स्रियो के अधिकारो को लेकर जागरूकता बढ़ रही है फिर भी अभी और सुधार लाने की जरूरत है ।

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बेटी से प्यारा दामाद ।

शादी के बाद आशा पहली बार मायके आ रही थी उसके घर में पूरे जोर शोर से तैयारियां चल रही थी क्योंकि बेटी के साथ दामाद जी पहली बार ससुराल आ रहे थे, उनके स्वागत में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए थी इसलिए आशा की माँ सारी तैयारियों का जायजा ले रही थी.

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