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हाइकु

शिकंजा सख्त

नियति के हाथों का,

हिल न पाऊँ ।

भ्रम का जाल

सख्त डोर से बुना,

काट न पाऊँ ।

दर्द दवा का

ज़ख्म से भी गहरा

हाइकु

हाइकु

मीठा सा रस

तेरी प्यारी बातों में,

सुनता रहूँ ।



गुनता रहूँ

वो अनकही बातें

जो मैंने सुनीं ।



आँखों ने कही

वाणी कह न पाई

गहरी बातें ।



दिल की बातें

जो दिल से समझी

लगी सरल ।



जब से चखा

तेरी बातों का रस

झूम रहा मैं  ।
Hindi

हाइकु

जीवन सूखा

दिन दिन बीतता

अंधेरी शाम |


दिल बेचैन

कटती नहीं रैन

दूर सवेरा |


बेबस हम

तम न होता कम

सूरज गुम |


मंद रौशनी

बढ़ता अंधियारा

निर्जन पथ |


जीवन मेला

अजब गजब सा

ढेर तमाशे |
Hindi

हाइकु

छुपा रावण
हर-एक मन में,
करें दहन ।

दुःख व सुख
रहते आते-जाते
रहें मगन ।

बढ़े दिव्यता
हर-एक दिल में
करें जतन ।

प्रत्येक आत्मा
है अंश परमात्मा
करें नमन ।

माँ की ममता
अतुल प्रेम मय
करें नमन ।

स्वर्ग नरक
हैं इसी जगत में
करें चयन ।

Hindi

आँखें पारखी


चाँद को धक्का

अम्बर पर छाये

सूरज कक्का​

***

रहीं ताकती

टिमटिमाते दीप

आँखें पारखी

***

कहानी किस्से

तमाम उलझनें

मेरे ही हिस्से

***

चन्द अल्फाज

अंतर्मन छू बैठे

बोले वो आज

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चढ़ा अटारी

रोशन मन आले

अँधेरा भारी

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झाड़ दो धूल

पोखर नाले सूखे

गंदे है पूल

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जवाबदेही

लांछित हरपल

प्यारी वैदेही

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हाइकु