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धुंधली तस्वीर

आजकल जब भी कोई
प्रेम कविता पढ़ता हूँ,
शब्दों के भ्रम में फंसकर
सात गगन जब चढ़ता हूँ|

तत्पल जेहन में मेरे
धुंधली तस्वीर उभरती है,
रंग अधूरे कच्चे जिसके
एक लड़की ज़मीं उतरती है|

धुएें के साये की तरह
एक चेहरा बनता बिगड़ता है,
आधा चेहरा बुना आज ने
आधा बीता कल गढ़ता है|

बीते कल का बुना हुआ जो
चेहरा आधा सिमट रहा हैं,
आते कल का चेहरा लेकिन
धीरे धीरे सुलझ रहा हैं|

Poetry

सच्चाई। ।

आज हकीकत है,

कल कहानी होगी। ।

नज़्म - साहिर लुधियानवी

अश्कों में जो पाया है, वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है, कि ज़माने को गिला है
जो तार से निकली है, वो धुन सबने सुनी है

Poetry

ज़िदगी

उलझनो से निकले रस्ते साफ होते है,

आँसुओ से गुज़री मुस्कुराहट उन्दा होती है…

दिल साफ हो,

और,

दिमाग साथ हो,

ज़िदगी खुशाल रहती है…

Life

एहसास !!

गजब सी बात है,

अजब सी अदा है…

नया सा एहसास है,

अनजान सा इंसान है…

Life

बगावत

Posted by @smitasingh06 on Mirakee app.

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Dard

न समझ सके

ढूंढा है मैंने तुमको गीतों में ग़ज़लों में
मिले हो तुम अक्सर भंवरो की गुंजन में
ख़्वाबों में खोयी रही मै बने जिनकी तुम ताबीर
बंध गए दोनों एक रिश्ते में मान के उसकी तदबीर
वक़्त है के गुज़रता नहीं तुम बिन  तक़दीर में लिखी है दूरियां
आज तक न समझ सके हम तुम्हारे दिल की ये मजबूरियाँ

Dard