टैग्स » Hindi Kavita

अजीब

आज Blog-post करते वक्त मै एक Romantic कविता पेश करने वाला था | लेकिन, कविता ढूंढते वक्त यह यह पंक्तियाँ दिखी | आज इस कविता को पढ़ा और सोचा, कहीं मैं ही तो सच्चाई से भाग नहीं रहा? 9 और  शब्द

Hindi Kavita

हर सुबह जिस आंगन में..

हर सुबह जिस आंगन में,
हजारों ख्वाब खिलते है,
चाहत की हर उड़ान को,
जहाँ पर पंख मिलते है,
है वही आँगन मेरा,
जहाँ हम रोज संवरते है..

कौतूहलता की हर रात का जहाँ,
अंत होता है,
ज्ञान से प्रकाशित वह चौखट,
जहाँ हमारा भोर होता है..
-सन्नी कुमार

मेरी कविता

बेचैन है ये जिंदगी

बेचैन है ये जिंदगी

तुम्हारे यादों की अंगड़ाई में

हैं बातें कुछ और भी

उन बातों की तन्हाई में

रहता हूँ मैं फिका-फिका

रातों की उन परछाईं में

दिल करता है फिर मिलने को

उन बातों को भूलने को

रह गयीं हैं बातें कुछ और भी

है जो तुमसे कहने को

© VIBHOR SHUKLA

HINDI KAVITA

​चल आज एक कहानी लिखता हुँ ।।।

​चल आज एक कहानी लिखता हुँ।

मन की पोटली से निकाल कर कुछ मोती पिरोंता हुँ,
थोड़ी यादें सजोंता हुँ, थोडी़ बातें बुनता हुँ,
चल आज एक कहा़नी लिखता हुँ ।

घर की छत पर आज दुबारा चलता हुँ,
थोडा़ सा बचपन जीता हुँ, थोड़े से शब्द सिता हुँ,
चल आज एक कहा़नी लिखता हुँ ।

माँ के आ़चल मे सर रख़कर थोडा़ सकुन से सोता हुँ,
बेफिक्र नींद से थोडे़ बेपरवाह शब्द लेता हुँ,
चल आज एक कहा़नी लिखता हुँ !

यारों की महफी़लो से थोड़े क़िस्से चुराता हुँ,
थोड़ा अपनी बेवकुफियों पर लिखता हुँ, पुराने पन्नो मे थोड़े नये रंग भरता हुँ,
चल आज एक कहा़नी लिखता हुँ !

अय्य़ाशी भरी थोड़ी सी जव़ानी जीता हुँ,
थोड़ी सी मोहब्बत् करता हुँ, थोड़ा सा दर्द लेता हुँ,
चल आज एक कहा़नी लिखता हुँ !

जिन्दगी की आ़पा-धा़पी मे जाने कब इतना दू़र निकल आया,
कि अब मैं अकेले ही हंसता हुँ, अकेले ही रो भी लेता हुँ,
या़दो को जीने के लिए आजकल मैं कहा़नी लिखता हुँ ।

दिमा़ग को बंद करके चल किसी कोने मे रख देता हुँ,
थोड़ी सी जिन्दगी जी लेता हुँ, आज अपने दिल की कह लेता हुँ,
चल…आज एक कहा़नी लिखता हुँ ।।।

©Mohit Sharma (picktheflick)
#zindagikafalsafa

Writing & Blogging

आशा

कल एक बेहतर दिन होगा।

मनचाहा जब हासिल होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

जो आज अधूरा छूट गया, जग जिससे मानो रूठ गया

उद्यम की राह चलते चलते

कल वह भी पूरा होगा, और कष्ट के बिन होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

आज सभी दरवाजे बंद हों, रोशनी की उम्मीद कम हो

आशा का दीप जलते जलते

कोई झरोखा कल खुलेगा, पथ आलोकित फिर होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

अगर ढूँढ लाई जिंदगी सौ बहाने रूलाने के

और आ गए अवरोध कई कठिन सभी हराने के

हिम्मत की सीढी चढते चढते

हजार हटेंगी बाधाएं हँसना भी मुमकिन होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

रात अंधेरी ही होगी न, आँख मूंद कर कट जाएगी

नैंनों में सपने बुनते बुनते

कोई किरण सुबह आएगी, सवेरा तो स्वर्णिम होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

कुदरत सबको देती हैरानी

पत्थर कट उग आते वृक्ष, मरूभूमि में मिल जाता पानी।

अधर में पंख भरते भरते

रूक न जाना ओ पंछी, मिलता तुझको साहिल होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

मनचाहा जब हासिल होगा।

कल एक बेहतर दिन होगा।

Relations

इस जग में नव संसार मिला

धरती के जैसी सुन्दर तुम
गंगाजल जैसी पावन तुम
एक कली के जैसी कोमल हो
हो अब खुशियों का आंगन तुम
तुम्हें पाकर जीवनसार मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

सागर लहरों सी चंचल तुम
चांदनी से ज्यादा शीतल तुम
संगीत की मधुर कोई सरगम हो
फूलों जैसी मनमोहक तुम
हमें ईश्वर से सुन्दर उपहार मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

प्रकाश के दिव्य रथ पर
वो भानु जैसे सुशोभित है
आभा से तेरे मस्तक की
मेरा अंतःकरण वैसे प्रकाशित है
रग रग को एक आनंद मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

तेरी पलकों की छाव में
जीवन का अब हर दांव है
प्यारी गहरी इन आखों में
जैसे स्वर्ग का सुन्दर गाँव है
समर्पण का नव भाव मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

जब गोद में तुम सो जाती हो
मेरी हर चिंता हर जाती हो
फिर प्यार से जब अंगड़ाई लो
बन मुस्कान अधरों पे आती हो
मुझे प्यार से प्यारा प्यार मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

नन्हे छोटे से हाथों की
मुट्ठी में बंद कुछ सपने हैं
तुझे छू के मुझे अहसास मिले
वो सपने पूरे करने हैं
मेरे मन को नव विश्वास मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

जब से जीवन में आई हो
बस मन-मंदिर में छाई हो
लक्ष्मी के जैसे चरन-कमल
“समृद्धि” का संदेसा लाई हो
तेरे जैसा तेरा नाम मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||
तुम्हें पाकर जीवनसार मिला |
इस जग में नव संसार मिला ||

Close To Heart