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खुद पर यक़ीन करके देख ज़रा ,तेरे जीने का नज़रिया बदल जाएगा

जो तुझे रुकना मंज़ूर नही तो तुझे कोई रोक दे इतना किसमे दम है

क्यूँ टेन्शन लेता है ज़िंदगी की, कभी ख़ुशी तो कभी ग़म है ।

खुद पर यक़ीन करके देख ज़रा ,तेरे जीने का नज़रिया बदल जाएगा

नाव में बैठकर जो डर गया अगर तो समंदर के बीच खड़ा रह जाएगा

तू तबियत से दो चप्पू तो चला कर देख मेरे दोस्त मंज़िल ब मिलेगी ओर किनारा भी पाएगा ।।

क्यूँ ना हम एक बच्चा बन जाए

उसकी तरह भूलकर अपनी कमज़ोरियाँ अपनी ताक़त पर ध्यान लगाए ।

उठकर गिरना, गिरकर उठना, हार मानने को तैयार नही तू ये दर्शाता है

ये ख़ुद पर भरोसे का ही तो फ़र्क़ है जो इतना बड़ा हाथी भी  छोटे से शेर कि सामने नतमस्तक हो जाता है ।।

फ़ेल्यर से फ़र्क़ नन्ही पड़ता साहेब, वो तो सबकी ज़िंदगी आते है

तक़दीर तो जब बदलती है जब हम इन्हें चुनोतियो की तरह अपनाते है

क़िस्मत ही फूटी ह ये कहकर तो कमज़ोर लोग रोते है

पर बहादुर लोग अपने दम पर हालात बदल जाते है ।।

दोस्तों ख़ुद पर विश्वास होना चाहिए नही करना चाहिए डाउट

वरना आपकी प्रॉब्लम ही पता है आपको क्या बोलेंगी – “ यू ज़ीरो ,आउट “!!

कर पाउँगा या नही इस चक्कर में मोके निकल जाते है

बेहतरीन मोके बहोत कम देती है ज़िंदगी, गँवाना मत, वरना बाद में सिर्फ़ पछतावे रह जाते है ।।

ओर जो कम पड़ने लगे तेरा हौसला तो बनाए है उस खुदा ने दो ओर दरवाज़े

जिन्हें तू किसी भी वक़्त खटखटाएगा , तो कभी खली हाथ नही आएगा ।

बुरे वक़्त में सब साथ छोड़ देते  है पर या तो वो माँ बाप है या है गुरु

जो हरपल तेरा साथ निभाएगा ।।

तेरा दुश्मन भी तू है तेरी ताक़त भी तू है

जो बनाती है तुझे कमज़ोर वो तेरी आदत ही क्यूँ है

उठ! आँख खोलकर पहचान अपने हुनर को, तू हर जंग में बाज़ी मार जाएगा 

क्यूँकि जिस दिन हाथी ने कान हटाकर आँक लिया अपनी ताक़त को

उस दिन शेर भी उसके सामने पूछ हिलाएगा ।।

सबसे डरके नही सबसे हटके जीना सिख मेरे दोस्त

क्यूँकि जो मुसीबतों से नही डरते वो मंज़िल पा लिया करते है

देखकर नदियों के मज़बूत इरादे पहाड़  ख़ुद ब ख़ुद रास्ते बना लिया करते है ।।

:हितेश गुलिया

Ae Hausla

Ae hausla tu toot nahi

Ye imteha h tera

Tere mere saath rahne se hi

Kuch to pehchaan h mera

Sab dukh ek taraf

Agr tu toot gya to… 63 और  शब्द

Hindi Poems

Apna mukaam haasil karenge

Bhale hi door par ayega zaroor

Wo mukaam hum b haasil karenge

Jo log kehte h aj tum kuch nahi

Wo b ek din jhuk k salaam karenge… 93 और  शब्द

Hindi Poems

Wajah hum ban gaye

Tere door jaane ki wajah hum ban gaye

Tum saath na reh sake aisi khata hum ban gaye

Tujhse nazar milane k kaabil na rahe… 67 और  शब्द

Hindi Poems

उम्र और पश्चाताप (A Hindi Poem On Regrets)

कभी ये कहा की कल ये करेंगे,
कहा कभी काश कल ऐसा हुआ होता।
बीत गया उम्र का हर पड़ाव जब
तब यही एक पाठ सीखा।

जो बीत गया कल वो
थोडा कड़वा थोडा फ़ीका,
कल याद कर कल भी खराब कर दिया
काश बदल दिया होता जीने का तरीका।

कुछ याद थी कुछ बाते थी
गम भी था , उसे की काश! कुछ और कर लिया होता,
कभी घर की सुनी तो कभी जहॉं की,
बस एक दिल की आवाज़ ही सुनना रह गया।

75 का है वो बुजर्ग सामने मेरे बैठा
जीना चाहता है वो फिर दुबारा
पर इस बार अपनी शर्तों पे अपने शौक के लिए,
पर वो जानता है की ये मुमकिन नही..
की मिल जाए ज़िन्दगी दुबारा।।

Life

..बस तुम्हे लगता है लड़की आम हो तुम!

कुछ हुई पूरी कुछ नही,
मेरी ख्वाशिएं तमाम हो तुम।
हफ़्तों से जो नही पी है मैंने
मेरी वो शराब हो तुम।।

जो लिखूँ उर्दू तो रहीम हो,
जो हो हिंदी तो राम हो तुम,
बह के नदी के साथ कुछ देर बाद
जो मिला मुझे, वो किनारा हो तुम।।

मत सोच की मोहब्बत है तुझसे या क्या
चाहत से ऊपर, और इश्क़ से थोडा नीचे।
जो होती है दीवानगी
मेरी उस दीवानगी का नाम हो तुम।।

जून की तपती दुपहर के बाद की
मीठी सी वो शाम हो तुम।
मिल जाए जब बच्चे को खिलौना कोई नया
उसके चेहरे की मुस्कान हो तुम।।

कहा तुमने मैं कुछ ख़ास नही,
फिर क्या वज़ह है तुम्हारी दीवानगी की?
तेरे हंस के देख लेने से हो जाए क़त्लेआम,
बस तुम्हे लगता है लड़की आम हो तुम!

Hindi

Akele

Jab tak samjha na tha jaana na tha,

apko jab humne apna mana na tha..

Tab aye paas jab saath tha na tha kisi ka, 130 और  शब्द

Hindi Poems