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समय

समय नही हैं मेरे पास
अच्छा बहाणा हैं…
बात न करणे का
तरिका ये पुराना हैं..
बेशक दे दो समय का बहाणा…
लेकिन तय है समय का भी बदलना…

मिनल सुभाष

Hindi Kavita

दिल का ठिकाना | dil ka Theekaana

टूट कर बह गई आँखों से,
उसके दिल ने ठिकाना बदल लिया था।

Poetry

sweet love story

एक लड़का था| वह एक लड़की से बहुत प्यार करता था| वह उस लड़की के लिए कुछ भी कर सकता था| पर दिक्कत यह थी कि लड़का बहुत गरीब घर से था जबकि लड़की बहुत अमीर थी| और वहीँ दूसरी दिक्कत यह थी कि लड़का अलग जाति का था|

इस वजह से दोनों के प्यार मे बहुत कठिनाई आ रही थी| वह लड़का उस लड़की से अक्सर पूछता है “क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” लड़की जवाब देती है “मै तो तुमसे शादी करना चाहती हूँ, पर मेरे घर वाले कभी राजी नही होंगे और मै भाग कर शादी नहीं कर सकती हूँ| यह समाज बहुत बुरा है| हमें जीने नही देगा|” और लड़के उससे कहता है “ठीक है! जब मैं अपने पैरो पर खड़ा हो जाऊंगा तो तुम्हारे पापा से तुम्हारा हाथ मागूँगा|”

लड़की हंसकर कहती है “शादी में क्या रखा है? क्या शादी के बाद मेरे दिल में तुम्हारा प्यार कम हो जायेगा?”| यह सुनकर लड़का सोच में पड़ जाता है, मगर वह जैसे-तैसे हंसकर जवाब देता है “क्या तुम मुझे शादी के बाद भूल जाओगी?” इसपर लड़की का जवाब होता है “ऐसा कभी नही होगा और मेरी सांसे रुक सकती पर मेरा प्यार तुम्हारे लिए कम नही होगा|”

समय बीतता गया| कुछ समय बाद लड़क़ी के घर वाले उसके लिए लड़का देखने लगे| और सच्चाई जानने के बाद वह लड़का जो कि उस लड़की से बहुत प्यार करता था, वह उस लड़की के दिल में अपने लिए नफरत भरने लगा| वह जानबूझकर ऐसा करता था ताकि वह लड़की उससे बहुत नफरत करने लगे| और ठीक वैसा ही हुआ जैसा वह लड़का चाहता था| उस लड़के ने कुछ ऐसा किया, जिससे लड़की उससे नफरत करने लगी| उस लड़की की शादी किसी और से तय कर दी गई| पर वह अन्दर ही अन्दर बहुत दुखी थी| क्यूंकि वह लड़के को बिलकुल भी नहीं भुला पा रही थी|

जिस दिन उस लडकी की शादी थी उसी दिन उस लड़के ने उस लड़की की छोटी बहन को फोन किया और कहा “मै जो कुछ भी कहूँ, वह सब अपने फ़ोन में रिकॉर्ड कर लेना| जब तुम्हारी बड़ी बहन आए तो उसे यह रिकॉर्डिंग सुना देना| उस लड़की की शादी हो गयी और वह शादी के दो दिन बाद अपने घर आती है| उसकी बहन कहती है “दीदी आपको कुछ सुनाना है|” वह लड़की हंसकर कहती है “क्या? चल सुना!”

जैसे ही वो फ़ोन चलाती है| उसमे से रोने की अवाज आती है, वह अपनी बहन से कहती है “ये आवाज तो सुनील लग रही है|” छोटी बहन कहती है “दीदी जिस दिन आपकी शादी थी, उसी दिन आपके सुनील का फोन आया था और बहुत रो रहा था| आप खुद ही सुनिए की वह क्या कह रहा था|”

फ़ोन की रिकॉर्डिंग चलाने पर सुनील रो-रोकर कह रहा था “रीना मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, और अपने जीते जी तुम्हारी शादी किसी और के साथ होते नही देख सकता हूँ| क्योकि मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है और मै अब बस यही चाहता हूँ कि तुम अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ो और खुश रहो| मैं तुम्हे कभी भूल नही सकता मेरी जान|” इतना कहकर फोन कट जाता है| सुनील की यह बात सुनकर वह बहुत रोती है और अपनी बहन पर चिल्लाती है “तूने मुझे उसी दिन क्यों नहीं बताया जब फ़ोन आया था|” छोटी बहन जवाब देती है”मैं क्या करती, मैं तो कसमों के धागे मे बंधी थी| मै कर भी क्या सकती थी?” वह अपनी बहन को उसी नम्बर पर फोन लगाने के लिए कहती है जिससे सुनील ने फ़ोन किया था|

छोटी बहन पूछती है “क्यों दीदी?” परन्तु वह छोटी बहन हो बहुत गुस्से में डांट देती है और गुस्से मे कहती है “चल फोन लगा” वह जल्दी से फोन लगाती है| घण्टी जाती है, दूसरी तरफ फोन उठता है और उधर से आवाज आती है

“हेल्लो,

“हेल्लो, आंटी जी सुनील कहाँ है?”

सुनील की माँ रोने लगती और कहती है “बेटी सुनील इस दुनिया मै नही रहा| वह चोंक जाती है| और पूछती है “आंटी यह सब कब हुआ और कैसे? सुनील की माँ कहती है “पता नही मेरे सुनील ने ऐसा क्या कर दिया था जो कि उसने जो लगा ली|

लड़की : “आंटी जी कब?”

सुनील की माँ : “19 फरबरी को|”

यह सब सुनकर वह लड़की फोन कट कर देती है|” पता है दोस्तों 19 फरबरी क्या था? उसकी प्रेमिका रीना की शादी थी| यह सब सुनकर वह बहुत रोयी और रो-रोकर कहने लगी मैंने अपने सुनील पर विश्वास क्यों नही किया| अगर मैं उसपर विश्वास कर लेती तो मेरा सुनील इस दुनिया से नही जाता|

“लोग मंजिल को मुश्किल समझते हैं|

बड़ा फर्क है लोगो में और हम में,

लोग जिन्दगी को दोस्त, और हम

दोस्त को जिन्दगी समझते हैं| Raj…….🌹🌹🌹
🌹🌹

बहुत ठंड लगती है...

बाहर ना निकल,
बहुत ठंड लगती है.

ठंड में ज़िंदगी मेरी,
बहुत झंड लगती है.

अकड़-गुमान सब कुछ है,
ठंड की शक्ल घमंड लगती है.

चल-निकल खेलते हैं,
ठंड से तो यारी प्रचंड लगती है.

~ मोहित ग्रोवर

गज़लें मैं गा रहा हूं...

मैं तेरे इंतज़ार में पलकें बिछा रहा हूं,

देख तेरे प्यार में गज़लें मैं गा रहा हूं.

कब से आवाज़ दे रहा हूं मैं तुझको,

मुझे लगा मैं खुद को बुला रहा हूं.

~ मोहित ग्रोवर (9-1-2018)