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Tujhe chahna

तुझे चाहना कब मेरी आदत हो गई
तेरे बारे में सोचना कब मेरी इबादत हो गई
पता ही नही चला… के
कब मैं खुद से दूर हो गया…

सब कुछ भुला देने वाली तेरी हंसी से
सहमी सी उस नज़र से और
तेरे ख़्वाबों से कब मुझे मुहोब्बत हो गई
पता ही नही चला… के
कब मैं खुद को भूल गया…

Hindi Shayri

ye udasi

ये उदासी किस्मत है मेरी या मेरी आदत
या फिर इश्क़ में तबियत ऐसी हो गई है मेरी

2 Line Shayri

मै किसान हूँ...

मै किसान हूँ…
चीर के सीना धरती का, खुद का लहू बहा दिआ
बंजर कहते जिसको सब, उस पर भी फसल लह लहा दिआ
मै किसान हूँ
तन भी मेरा मिट्टी का
गुजार दी जिंदगानी इस मिट्टी में
हमने जिसका कभी स्वाद न चखा
हर भूखे को खिला दिआ
कुछ ऐसा मै इंसान हूँ
मै किसान हूँ
क्यों इतराते हो इतना कागज के उस तुकडे पे
जिसे मशीने बनाती है
हर सक्स से पूछ के देख लो
जो कहते है की भूक तो सिर्फ, रोटी ही मिटाती है
मानता नही कोई, पर मै जानता हूँ
की मै भारत की शान हूँ
मै किसान हूँ……..

हिंदी कविता

दर्द कि गहराई

दर्द कि गहराई को तन्हाई समझती है
पलकों के आसु को आई समझती है
यु तो हम भी जिन्दा है
मगर जिंदगी को अक्सर सौदाई  समझती है
अब हाल क्या पूछते हो
जब हम बर्बाद हो चुके है
कि वफाओ का मतलब
तो सिर्फ बेवफाई समझती है
ये माना कि मुफलिसों से गुजरी है
जिंदगी हमारी
मगर सूरज कि किरणों कि चमक
को सिर्फ परछाई समझती है ………

हिंदी कविता

तेरा ख़्वाब @

हम खवाबो में जीते रहे तेरी उम्मीद का दामन थामकर
मगर तुझे एक बार मुड़कर देखना भी गवारा न हुआ
हालत मेरी कुछ जैसे सुर्ख पत्ते टूट जाए किसी डाली से
कि बहारो के मौसम में भी जो हरा न हुआ
ये घड़िआ ये लम्हे और दिल कि कसक तड़पाती रहेगी उम्रभर
कि मेरी चाहत के जूनून में ये दिल आवारा ना हुआ
सोचते है कि हासिल करे कैसे जो मेरा मुकद्दर बन बैठे है
एक मौज कि तरह नजर टकरा के चली जाती है
मेरे दिल के साहिल से वो ऐसा समुन्दर बन बैठे है……………

हिंदी कविता

Bheed ke chehre

Jab bhi dekhta hu bheed me

pareshaan har chehra najar aata hai

muskura ke karte hai chhupane ki kosis

jab dard koi gahra najar aata hai… 57 और  शब्द

हिंदी कविता